#पत्र ❤️
प्रेम लिखूं मैं पत्र में
या प्रेम भरा मैं पत्र लिखूं..?
प्रेम लिखूं एक कोने में
या प्रेम जो है सर्वत्र लिखूं..?
प्रेम की प्रकृति क्या लिखूं वात्सल्य
या श्रृंगार लिखूं..?
संबोधन हेतु उपमा ही दूं
या तुम्हारा नाम हर बार लिखूं..?
मेरे हैं जो भाव लिखूं
या तुम्हारा जो मुझपर प्रभाव लिखूं..?
मध्य प्रेम की बातें लिखूं
या कैसे हुआ इसका आविर्भाव लिखूं..?
लिखूं प्रेम को मोह और बंधन
या इसे मोक्ष निर्वाण लिखूं..?
अपने बारे में भी लिखूं
या इसे ही अपनी पहचान लिखूं ..?
और तुमसे है प्रेम मुझे
या प्रेम से ही है अभिमान लिखूं..?
लिखूं प्रेम को सहज,सरल
या मीठा और रसाल लिखूं..?
अडिग अचल सा पाषाण इसे
या कोमलता जैसे कि हो मृणाल लिखूं..?
प्रेम लिखूं मैं पत्र में या प्रेम भरा मैं पत्र लिखूं..?
प्रेम लिखूं एक कोने में या प्रेम जो है सर्वत्र लिखूं..?